- खुशहाल ज़िंदगी हेल्पलाइन का मकसद परिवार को टूटने से बचाना है – शिराज उद्दीन
लखनऊ। कई परिवार मिलके समाज बनता है और परिवार की स्थापना विवाह के शुभ गठबंधन से होती है, यदि ज़रा ज़रा सी बात पर परिवार टूटने लगेंगे तो देश का नौजवान विवाह जिसे हर धर्म में इबादत माना जाता है उससे दूर भागने लगेगा। इन खयालात का इज़हार खुशहाल ज़िंदगी हेल्पलाइन के कनवीनर शिराज़ उद्दीन अध्यक्ष मौलाना अली मियां नदवी फाउंडेशन ने दरगाह हज़रत मिराशाह में खुशहाल ज़िंदगी खुशी की हेल्प लाइन के सेंटर के उद्घाटन के अवसर पर कही, उहोंने कहा खुशहाल ज़िंदगी के हेल्पलाइन सेंटर का मकसद काउंसलिंग के ज़रिए परिवार को टूटने से बचाना है। यदि छोटी छोटी बात पर मियां बीवी के रिश्ते टूटने लगेंगे तो इसे देख के देश का नौजवान विवाह जैसी इबादत को छोड़ के अकेला या लीविन में रहना पसन्द करने लगेगा, पहले दहेज प्रथा ने कन्याभ्रूण हत्या को जन्म दिया फिर पति पत्नी के छोटी छोटी बातों पर झगड़ो से तलाक के बढ़ते हुए मामलों से देश का युवा विवाह से कतराने लगेगा, हमने आज अगर परिवारों को टूटने से नहीं बचाया तो कल कोई रिश्ता समाज में बाकी नहीं रहेगा, समाज की परिभाषा बदल जाएगी, जानवरों की तरह मानव समाज में केवल नर और मादा का रिश्ता रह जाएगा। पश्चिमी देश इस बुराई में डूब चुके हैं और वहां इस बुराई से निकलने की नाकाम कोशिश की जा रही है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रुचिका चौधरी लखनऊ महिला अपराध शाखा की कमिश्नर ने कहा हमें अपनी सामाजिकता को साथ लेकर चलना होगा, पति पत्नी दोनों को बहुत सय्यम से काम लेने की ज़रूरत है, जो लोग अपने सुख परिवार के दूसरे सदस्यों से नहीं बाटते उनका दुख बाटने वाला भी फिर कोई नहीं होता। इस मौके पर मौलाना जकी नूर अज़ीम नदवी ने फरमाया खुशहाल ज़िंदगी हेल्पलाइन शुरू करने का मकसद घरेलू जिंदगी में पैदा होने वाले झगड़ों को खत्म करके प्यार और सुकून भरी जिंदगी बनाना है। फैमली कोर्ट वा दारुल कज़ा जैसी संस्थाओं में आने वाले पति पत्नी के झगड़ों को सुलझाने में ये बहुत मददगार साबित होगा। लखनऊ शहर ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत की ये पहली हेल्प लाइन होगी जहां पर सभी धर्म के लोगों के घरों को टूटने से बचाने के लिए समाज के प्रतिष्ठित महिला वा पुरुष मानवता के लिए मुफ्त में अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। समाज सुधार के लिए कार्य करने वाली संस्थाओं को अपने यहां इस तरह की हेल्प लाइन खोलना चाहिए। खुशहाल जिदंगी हेल्पलाइन के कानूनी सलाहकार हाईकोर्ट के वकील आफताब अहमद साहब ने कहा लखनऊ में खुशहाल जिदंगी के जो तीन सेंटर आज से खुल रहे हैं जिनमें यहियागंज में ट्विंकलिंग स्टार्स प्ले स्कूल, खुर्रमनगर गर्ल्स कॉलेज वा दरगाह हज़रत मिराशाह चिनहट हैं मैं इन तीनों सेंटर के जिम्मेदारान को मुबारकबाद पेश करता हूं ये एक अच्छी पहल है इससे परिवार ही नहीं समाज में फैल रही बुराइयों को रोकने में मदद मिलेगी, हमारे वकीलों की टीम खुशहाल जिदंगी के सेंटर पर आने वाले परिवार को कानूनी मदद करने का पूरा प्रयास करेगी। डाक्टर खुशनुमा साहिबा ने कहा खुशहाल जिन्दगी हेल्प लाइन परिवार टूटने से बचाएगी और साथ ही कालेज के विद्यार्थियों में वर्कशाप करके उनको शिक्षित करना है जिससे उनको अपनी शादी के बाद किसी तरह के झगड़े का सामना ना करना पड़े।
करामात इन्टर कॉलेज की प्रिंसिपल उजमा सिद्दीकी साहिबा ने खुशहाल ज़िंदगी हेल्पलाइन के तमाम जिम्मेदारां को मुबारकबाद देते हुए कहा आप लोगों ने वक्त की एक अहम ज़रूरत को पूरा करने का काम किया है, जो लोग किसी परिवार के झगड़े खत्म कराने में लगे रहते हैं, अल्लाह उनकी मदद मे लगा रहता है। खुशहाल ज़िंदगी हेल्पलाइन के ज्वाइन कनवीनर सीनियर सहाफी जनाब इमरान खान ने खुशहाल ज़िंदगी के बारे में बताया के हमारे तमाम धर्मगुरुओं के अलावा तबस्सुम किदवई(पूर्व प्रधानाचार्य तलीमगाह कॉलेज) उजमा सिद्दीकी (प्रधानाचार्य करामात इन्टर कॉलेज) तारिक समी (मैनेजर खुर्रमनगर गर्ल्स कॉलेज) सय्यद अतीक शाह बाबा जी (सज्जादा नशीन दरगाह मीरा शाह) वा समाज के कई अहम ज़िम्मेदार इस मुहिम में शामिल हैं,हमारी इस हेल्प लाइन में महिलाओं की बात सुनने के लिए शहर की महिला समाजसेवियों की खिदमत ली जाएगी जिससे आने वाली महिला अपनी बात खुल कर कर सकें, जिन परिवारों को कानूनी मदद की ज़रूरत होगी उनके लिए वकीलों की टीम भी रहेगी। अल्लाह की जात से हम उम्मीद करते हैं के हमारी ये टीम समाज को टूटने से बचाने में अहम रोल अदा करेगी, उन्होंने मजीद कहा के दूसरे कई शहरों से हमारे पास कॉल आना शुरू हो गई हैं, कई लोग अपने शहर में इस तरह के सेंटर की बात कर रहे है, लखनऊ के इन तीन सेंटर के बाद इसे आगे भी बढ़ाने पर गौर किया जाएगा। कार्यक्रम के कनवीनर जनाब सय्यद अतीक शाह सज्जादा नशीन दरगाह मीरा शाह ने आए हुए तमाम महमानों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा हमारे देश पर जब भी कोई बुरी घड़ी आई है तो मदारिस के साथ साथ खानकाह, दरगाह के जम्मेदारान ने अपने आप को पेश किया है। आप की इस दरगाह से इस नेक काम की शुरुआत को हम उसी कड़ी का हिस्सा की तरह देखते हैं और अल्लाह की जात से उम्मीद है के इस तरह के सेंटर से परिवार ही नहीं बल्कि देश की तहज़ीब की भी हिफाज़त होगा। कार्यक्रम का संचालन गुफरान नसीम साहब ने किया कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिरकत करने वालों में तारिक समी, डाक्टर राफे, कुराइश नदवी, ताहा महमूद, राहिल आमीन, फातिमा रिज़वी, नाहिद सिद्दीकी, किशवर जहां, असद सिद्दीकी रहे।





