मथुरा/ मदन सारस्वत। फरह इलाके के कोह गाँव मे फैली महामारी के कारण जहां अभी तक 7 बच्चों की मौत हो चुकी है वहीं कई दर्जन बच्चों के साथ बड़े बुजुर्ग भी बीमारी के गिरफ्त में है जिसके बाद जहां ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग से खासे नाराज है वहीं अब उन्होंने देवी देवताओं से भी हवन यज्ञ करके आराधना की है के वो उनके गांव पर रहम करें।
कोह गांव में पिछले एक हफ्ते से अधिक समय से अदृश्य बीमारी का प्रकोप गांव बाले झेल रहे है जिसके कारण जहां 7 छोटे छोटे बच्चों की मौत हो चुकी है लेकीन जिले का स्वास्थ्य विभाग तव जागता है जब कई माँ की कोख उजड़ चुकी है जिसके बाद जहां कल डीएम ने भी गांव कोह का दौरा किया और डॉक्टर के साथ सीएमओ को भी निर्देश दिए कि यहां के लोगों की जांच करके पता लगाएं की आखिर मौत की बजह क्या है लेकिन जब ग्रामीणों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा किये जा रहे इलाज से कोई फायदा नही हुआ तो उन्होंने भगवान से ही अपनी रक्षा करने की गुहार लगाई है क्यों कि कहते है जब दवा काम न करें तो दुआ काम करती है इसी को देखते हुए ग्रामीणों ने गाँव के मंदिर पर हवन यज्ञ करके ये कामना की है कि उनके मासूम बच्चों पर कृपा करके रहम करें और उन्हें मौत के कारण बनने बाली बीमारी से बचाएं जबकि रात में भी वो पूजा की गई थी जो कि पहले गांव से महामारी को भगाने के लिए आग जलाकर हाथ पर रखकर पूरे गांव में घुमाया जाता है ऐसी मान्यता है कि उस को करने से बीमारी भाग जाती है वहीं ग्रामीण जिला प्रशासन से भी काफी नाराज है कि उनकी अनदेखी के कारण ही बीमारी तेजी से फैली जोकि अब रुकने का नाम नही ले रही है। अब देखना होगा कि इस गांव में फैली बीमारी को स्वास्थ्य विभाग ठीक करता है या ग्रामीणों का टोटका





