आचार्य लोकेशजी का जीवन मानवता का अप्रतिम उदाहरण है –  स्वामी रामदेव

  • आचार्य लोकेश ने वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति और महावीर के अहिंसा संदेश को फैलाया – पीयूष गोयल 
  • भगवान महावीर का दर्शन मौजूदा समय में अधिक प्रासंगिक  – श्री श्री रविशंकर

नई दिल्ली। भगवान महावीर की 2620वीं जयंती एवं विश्व शांतिदूत आचार्य लोकेशजी के षष्ठीपूर्ति के अवसर पर अहिंसा विश्व भारती संस्था द्वारा वेबिनार का आयोजन किया गया । इस अवसर पर श्री श्री रविशंकरजी, स्वामी रामदेव, छतीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया ऊईके, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल एवं केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रूपाला, देश-दुनिया से कई महानुभावों, हस्तियों, साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया एवं आचार्यश्री के यशस्वी जीवन के लिए अनेकों शुभकामनाएँ दी।

इस अवसर पर छतीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसुइया ऊईके ने उदघाटन भाषण में आचार्य लोकेशजी को अंतरधार्मिक सौहार्द एवं समग्र विकास का प्रतीक बताते हुए जन्म दिवस की बधाई  दी एवं समाज में एकता व भाईचारे के संदेश को जन–जन तक पहुँचाने में आचार्य श्री के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की ।

केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आचार्यश्री जन्मदिवस पर दीर्घायु एवं अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए कहा कि आचार्य लोकेशजी ने वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति और महावीर के अहिंसा संदेश को फैलाया है एवं वे अपने कार्यों में अधिक बल के साथ अधिक सफलता हासिल करें ।

केंद्रीय मंत्री श्री परषोत्तम रूपाला ने आचार्य लोकेशजी को 61वें वर्ष प्रवेश पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति, अहिंसा व अनेकांत के दर्शन को पूज्य आचार्य डॉ लोकेशजी पिछले 38 वर्षो से विश्व भर में जन-जन तक पहुंचाने में निरंतर प्रयासरत है| सभी धर्मों में समन्वय के लिए उनके प्रयास अनूठे है।

स्वामी रामदेवजी ने कहा कि आचार्य लोकेशजी मानवता के अप्रतिम उदाहरण है, उन्होने अहिंसा विश्व भारती संस्था के माध्यम से मानवता एवं समाज के लिए जो कार्य किए है वह अपने आप में एक विलक्षण घटना है। वे जिस तरह से विश्व में शांति, स्वास्थ्य, सद्भावना, समृद्धि के जरिये मानवता के स्तर को निरंतर बढ़ा रहे है, सराहनीय  है।

श्री श्री रविशंकर जी ने कहा कि जैन जीवन शैली द्वारा हजारों वर्ष पूर्व रात्री भोजन एवं मांसाहार का निषेध, शाकाहार भोजन एवं गरम पानी का सेवन तथा मास्क के उपयोग आदि पर बल दिया गया जो कोरोना काल में बचाव हेतु वेज्ञानिक दृष्टि से उपयोगी सिद्ध हुए है।

अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य डॉ लोकेशजी ने सभी महानुभावों का षष्ठीपूर्ति के अवसर पर प्राप्त शुभकामनाओं के लिए आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह समय मानवता को बचाने का है हमें हर एक इंसान के जीवन को सुरक्षित करने के लिए हर संभव प्रयास करने हैं तभी अहिंसा विश्व भारती संस्था का सेवा सद्भावना वर्ष मनाना सार्थक होगा।

इस अवसर पर, पूज्य पदमश्री गुरुदेव भारत भूषणजी, भारत गौरव पुलक सागरजी महाराज, आचार्या प्रतिष्ठाजी, राष्ट्रसंत गुरुदेव श्री नम्रमुनिजी महाराज, बोद्ध भिक्खु संघसेना जी,  भाई साहिब सतपाल सिंहजी, कथावाचक देवी चित्रलेखाजी, आचार्य श्री विजय कुलचन्द्र सुरीश्वरजी महाराज, सद्गुरु ब्रहमेशानन्दाचार्य जी ने अपने विडियो संदेश के माध्यम से आचार्य लोकेशजी को जन्म दिवस पर ढेरों बधाइयाँ दी।  वेबिनार का संचालन श्री साजन शाह ने, स्वागत भाषण आयोजन समिति के चेयरमेन श्री अभय कुमार जैन द्वारा किया गया एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री अनिल मोंगा द्वारा किया गया।

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