गाजीपुर। बहादुरगंज कस्बे में पूरे अकीदत के साथ ईदुल्लमिलादुन्नबी का पर्व मनाया गया। जिसके क्रम में प्रातः मदरसा शमसिया रजाउल उलूम पठान टोली में सर्वप्रथम कुरान मजीद की तिलावत की गई इसके बाद जुलूसे मोहम्मदी की शक्ल में सैकड़ों की संख्या में अकीदतमंद परंपरागत तरीके से हुज़ूर की शान में नात व सलाम पढ़ते और झूमते हुए पठान टोली से प्रारंभ होकर सब्जी मण्डी, मेन बाज़ार, हनुमान मंदिर, घास बाज़ार, बरतर, दर्जी टोला, गन फैक्ट्री, सदर बाजार, दक्खिन टोला, शाही मस्जिद होते हुए छावनी, भूमिहार टोली पुरानीगंज, डकीनगंज आदि मुहल्लों में नबी की शान आशिकाने रसूल का काफिला वापसी में छावनी पर रुका। इस अवसर पर छावनी मुहल्ले में लोगों के जल जलपान की समुचित व्यवस्था की गई थी। जुलूस में मौजूद अकीदतमंदों को खिताब करते हुए मौलाना मुहम्मद शोऐब बरकाती ने कहा कि मुहम्मद साहब ने पूरी दुनिया को इंसानियत का पैगाम दिया था और सबको आपसी सद्भाव प्रेम पूर्वक व्यवहार करने पर बल दिया था सरवरे कायनात पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आए थे आज के दौर में मोहम्मद साहब की शिक्षाओं पर अमल करके ही हम लोग कामयाब हो सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में मदरसा शमसिया रजाउल उलूम के सामने दुआखानी की गई और पूरे मुल्क के अमनों शांति और मुल्क से कोरोना जैसी बीमारी से मुक्ति दिलाने की दुआ की गई।
इस अवसर पर पुलिस चौकी इंचार्ज सुनील कुमार दुबे अपने सिपाहियों के हमराह पूरी मुस्तैदी के साथ जुलूस के साथ सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए थे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मोहम्मद अली खान, हाफिज शौकत अली हबीबी, बबलू खान, परवेज खान, नौशाद अयान, सद्दाम खान, निजामुद्दीन खान, खुर्शीद बेलाली, पल्लू अंसारी, रईस खान, इनायत उल्ला खान, निसार अहमद, आरिफ रज़ा खान, अबूसाद खान, दिलनवाज खान, माज खान, कादिर खान, सिराज खान, गुड्डू शेख, इमरान शेख, अबूजर खान, साहब खान, सोनू खान आदि उपस्थित रहे।





