- दस साल पहले शिक्षा विभाग में हुआ था घोटाला
- शुक्रवार को भर्ती घोटाले में ही हुई थी एक आरोपी की संपत्ति कुर्क की कार्रवाही
मथुरा/ मदन सारस्वत। जनपद भर में कूटरचित दस्तावेजों से सरकारी अध्यापक की नौकरी हासिल कर लेने वाले लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। विभाग की ओर से यह जिम्मेदारी एबीएसए को सौंपी गई है। इन अध्यापकों को एसआईटी जांच में दोषी पाया गया था। इनके खिलाफ पूर्व में ही कार्रवाही सुनिश्चित हो चुकी थी। एबीएसए को पहले ही यह कार्रवाही करनी थी। एबीएसए सबूत और आधार उनके पास नहीं होने से रिपोर्ट दर्ज कराने से इनकार कर रहे थे। इसके बाद बीएसए स्तर से यह सुनिश्चित किया गया कि सबूत और आधार कार्यालय पर मौजूद हैं, एबीएसए इन्हें प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री तक इसकी शिकायत पहुचने के बाद एबीएसए ने रिपोर्ट दर्ज कराना शुरू कर दिया। शनिवार को मांट थाने पर एबीएसए मांट रामतीर्थ वर्मा ने तहरीर देकर विकास खण्ड मांट के विभिन्न विद्यालयों पर दस साल पहले फर्जी दस्तावेजों से बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापक की नौकरी हासिल कर लेने वाले हेमंत सारस्वत, महेश कुमार, सुभाष एवं राजू यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। प्रभारी निरीक्षक थाना मांट भीम सिंह जावला ने बताया कि जल्द नामजद अध्यापकों को गिरफ्तार किया जाएगा।
मांट के एबीएसए रामतीर्थ वर्मा ने बताया कि 2004-05 में डा.बीआर अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड की फर्जी डिग्री हासिल कर इन लोगों ने कूटरचित तरीके से नौकरी हासिल कर ली थी। पूर्व में एसआईटी और विभिन्न कमेटियों जांच में आरोपी पाये जाने पर इनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। शासन के आदेश पर इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।





