मऊ/ शन्नू आजमी। घोसी नगर के बड़ागाँव स्थित हुसैनी मुहल्ले में गुरुवार को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए जश्ने ग़दीर मनाया गया।
10 हिजरी क़मरी को पैग़म्बरे इस्लाम ने अपने जीवन के अंतिम हज से लौटते समय ईश्वर के आदेश पर 18 ज़िलहिज को ग़दीर नामक स्थान पर सवा लाख हाजियों के बीच हज़रत अली अलैहिस्सलाम को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। उसी याद में नगर के बड़ागांव हुसैनी मोहल्ला में गुरुवार के पूरे दिन धूमधाम के साथ जश्ने ईद ए गदीर का जलूस निकाला गया। जो पूरे गांव का भ्रमण करने के बाद सदर इमामबाड़ा पर पहुंचा। इस अवसर पर कार्यक्रम में कोरोना के चलते कम भीड़ भाड़ देखने को मिली। लेकिन लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए खुशिया मनाई एवं लाल रंग की कमीज पहन कर अपनी खुशी का इजहार किया। अज़ाखाने हुसैनी में कार्यक्रम को खिताब करते हुए शिया मौलानाओं ने जश्ने ईद ए गदीर पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि इस दिन जब पैग़म्बरे इस्लाम ग़दीर नामक स्थान पर पहुंचे तो हज़रत जिबरईल पैग़म्बरे इस्लाम के पास माएदा नामक सूरे की 67 वीं आयत लेकर उतरे जिसमें ईश्वर कह रहा है कि ए पैगम़्बर जो उस आदेश को पहुंचा दें जो आप पर आपके पालनहार की ओर से भेजा जा चुका है। अगर आपने ऐसा न किया तो अपनी रेसालत की ज़िम्मेदारी को पूरा न किया और ईश्वर आप लोगों की रक्षा करेगा।
इस अवसर पर मौलाना मुहम्मद हुसैन, मौलाना मेहँदी हुसैनी, मौलाना मोज़ाहिर हुसैन, मौलाना नसीमुल हसन आदि उपस्थित रहे।





