जमालपुर, मिर्जापुर। कैमा रसूलपुर गांव के राम जानकी मंदिर परिसर में गीता श्री साहित्य भारती परिषद द्वारा आयोजित दो दिवसीय अधिवेशन के दौरान शनिवार की रात कवि सम्मेलन संपन्न हुआ। देश के कोने कोने से आये कवियों ने एक से बढ़कर एक रचना सुनाकर लोगों का दिल जीत लिया।
दिल्ली से आये मशहूर शायर एवं कवि नरेश मलिक ने भारत माता एवं सरस्वती माता के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
झारखंड से आई कवियत्री रजनी शर्मा ने ‘हे शारदे मां हे शारदे मां, सुनाया। जबलपुर से आई कवियत्री कविता नेमी ने ‘ढलता सूरज होने लगती शाम यह मनोहारी सांझ दिलाये याद राम का नाम, बांदा से आये कवि कार्तिकेय मिश्रा ने ‘जकड़ा है हादसों में मानस तेरी कहानी, देवरिया से आये कवि सुधाकर सिंह ने ‘नीक लागे जब पुकार ध के नउआ सखी री आज गइली ननद के गांव सखी री, रांची से आई कवियत्री खुशबू बरनवाल ने ‘मेरे देश की मिट्टी बड़ी शोधी लगती है, दरभंगा बिहार से आए हास्य-व्यंग्य कवि ऋषि कुमार ने “मैं हिंदी का राजा बेटा तू अंग्रेजी की क्वीन प्रिये” रचना प्रस्तुत कर श्रोताओं की बाहबाही लूटी।
नैनीताल से आए कवि रमेश चंद्र द्विवेदी ने ‘अगर इस धरा पर जवानी न होती तो तेरी व मेरी कहानी न होती, दरभंगा बिहार से आए कवि विनोद कुमार हसौड़ा ने मैथिली में अपनी हास्य-व्यंग्य रचना ‘साष्टांग के गेल जमाना के लागे अब गोड़ लाज लगे गर्दन झुकवे में आयल कलयुग घोर, सुनाकर श्रोताओ को ठहाका लगाने पर विवश कर दिया। गाजियाबाद से आए कवि सुधीर सिंह सुधाकर ने ‘तेरा कमरा कब मेरा हो गया, जबलपुर मध्यप्रदेश से आई कवियत्री कृति चौरसिया ने ‘संगमरमर की वादियों में अनुपम रूप उकेरा है, कोटा राजस्थान से आए कवि मदन मोहन शर्मा ने ‘प्रीतम बनकर साथ निभाना मन विश्वास कभी ना खोना, जबलपुर मध्यप्रदेश से आई कवियत्री आशा श्रीवास्तव ने, सोन चिरईयां मोरी गगन में उड़ गई पंख पसार, महाराष्ट्र से आए कवि तनहा नागपुरी ने अपनी रचना ‘जूता घिस गया तो बाटा बेहोश हो गया सुनाकर श्रोताओं की खूब बाहबाही लूटी।
इसके अलावा फैजाबाद से आये कवि ओमपाल निडर, झारखंड से आई कवियत्री निर्मला, दरभंगा बिहार से आए कवि उदय चौधरी, दरभंगा बिहार से आये कवि ऋषि कुमार, सोनभद्र से आए लखनराम जंगाली, दरभंगा से आए नरेंद्र कुमार ने अपनी रचना प्रस्तुत किया। कवि सम्मेलन सुन रहे ग्रामीणों ने तालियां बजाकर कवियो का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली से आए मशहूर शायर एवं कवि नरेश मलिक ने एवं संचालन कवि संजीव कुमार शास्त्री ने किया। इस दौरान आयोजक कवि कैमी, ग्राम प्रधान दयाराम सिंह, प्रमोद तिवारी, राधेश्याम गुप्ता, कल्लू प्रसाद, गजानंद सिंह, दिनेश तिवारी समेत बड़ी तादाद में श्रोता मौजूद रहे।





