- सामुदायिक सुलभ शौचालय अधूरा हो गया पूर्ण भुगतान
- नही बना सामुदायिक सुलभ शौचालय का सेफ्टी टैंक
घोसी/ ऋषि राय।
केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन को सरकार के कर्मचारी व अधिकारी ही पलीता लगाने पर तुले हुए है। विगत सप्ताह जहां तहसील क्षेत्र के बड़राव ब्लाक के एक ग्राम पंचायत सचिव द्वारा बिना टेंडर व प्रशासनिक स्वीकृत के 11 लाख रुपये से अधिक की धनराशि डकार गये वही बड़राव ब्लाक क्षेत्र के दर्जनों गांव में राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन के तहत बने सामुदायिक सुलभ शौचालयों ने भी ब्लाक के अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्य प्रणाली की पोल खोल कर रख दिया है। अधिकांश शौचालय अर्द्ध निर्मित है लेकिन उसके निर्माण की लागत धनराशि आहरित कर ली गयी है। हमारे संवाददाता ने बड़राव ब्लाक क्षेत्र के सामुदायिक शुलभ शौचालयो का स्थलीय निरीक्षण किया तो तमाम खामिया नजर आयी। बड़राव ब्लाक क्षेत्र के हड़हुआ ग्राम पंचायत में नेशनल हाइवे से सटे सामुदायिक सुलभ शौचालय बाहर से तो पूरी तरह देखने पर पूर्ण नजर आता है लेकिन अंदर दो पाटिशन में 9 शौचालयों में न तो लैट्रिन शीट दिखी और ना ही फर्श दिखा। अगल बगल काफी तलाशने के बाद भी शौचालय के सेफ्टी टैंक का पता नही चला सका। जबकि बाहर की दिवालो पर रंग रोगन के साथ बड़े सुनहरे अक्षरों में सम्बंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम अंकित दिखे। जब इस सम्बंध में बड़राव की खण्ड विकास अधिकारी सुवेदिता सिंह से बात करनी चाही तो उनका मोबाइल कवरेज क्षेत्र से बाहर होना बताया। शौचालय के स्थलीय निरीक्षण से एक बात अवश्य साबित हो गई कि भारत सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना को उसके ही कर्मचारी व अधिकारी पलीता लगाने पर तुले हुए है।





