- अपने समाज एवं अपने ग्रह की स्वच्छता और स्वास्थ्य के लिये मिलकर जलायें क्रांति की मशाल
- ‘जाग्रत युवा-समृद्ध भारत’-स्वामी चिदानन्द सरस्वती
ऋषिकेश। अन्तर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने युवाओं को संदेश दिया कि सपने देखो और पूरा करने के लिये आगे बढ़ते रहो। अपने सपनों को छोड़ कर जीना अर्थात ‘जीवित मृत’ की तरह जीने के समान है। युवाओं का आह्वान करते हुये कहा कि समस्याओं और चुनौतियों से ’भागो नहीं बल्कि जागो’, उनका सामना करो; आगे बढ़ो और अपने सपनों को पूरा करने के लिये सदैव प्रयास करते रहो। युवा अपने कार्यो के प्रति लगनशील, निष्ठावान, कर्तव्यनिष्ठ और ऊर्जावान बनें, समय का सद्पयोग करें, अवसरों को पहचाने और मजबूत बने रहे।
परमार्थ निकेतन में अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवाओं की आवाज को एक मंच देने के लिये ऋषिकेश के चार समुदाय काले की ढ़ाल, चन्द्रेश्वर नगर, खारास्रोत और मायाकुण्ड के युवाओं के लिये कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसके माध्यम से युवाओं के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, जीवन कौशल, युवाओं को समृद्ध करने, विभिन्न चुनौतियों और बाधाओं का सामना करने आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की गयी ताकि वे कुशलता से अपने लक्ष्यों की ओर बढ़े और अवसरों को पहचाने।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि युवा, ‘शक्ति, नई ऊर्जा और जीवंतता’ का प्रतीक है। जिस राष्ट्र का नौजवान जागरूक, अपने लक्ष्य के प्रति निष्ठावान एवं समर्पित हांे तो वह देश उन्नति के शिखर छू सकता है। युवा अपनी सफलता के साथ अपने राष्ट्र के प्रति त्याग और समर्पण की भावना विकसित कर विकास के पथ पर बढ़ते रहे तो पूरा राष्ट्र सृमद्ध होगा।
स्वामी जी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन के लिये वैश्विक प्रयासों की जरूरत है तभी हम सफल हो सकते है और यह युवाओं की सार्थक भागीदारी के बिना हासिल नहीं किया जा सकता। पृथ्वी पर जैव विविधता को बनाये रखने के लिये तथा अपने ग्रह पर सुरक्षित जीवन के लिए सामूहिक और व्यक्तिगत दोनों स्तरों पर प्रयासों की जरूरत है।
अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस 2021 की थीम ‘ट्रांसफॉर्मिंग फूड सिस्टम-यूथ इनोवेशन फॉर ह्यूमन एंड प्लैनेटरी हेल्थ’ है।





