- सपा प्रवक्ता राजीव राय ने उत्तर प्रदेश सरकार को ठहराया जिम्मेदार
मऊ। गोवंश की हिफाजत योगी सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोवंशों की देखभाल के लिए तमाम नियम-कानून बनाए। उत्तर प्रदेश पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां गोवंश कल्याण के लिए सबसे अधिक बजट का प्रावधान है। गोवंशों की देखरेख के लिए गौशाला बनाई गई। मगर ये गौशाला ही गोवंशों के लिए कब्रगाह बन गई हैं। दोहरीघाट के पाउस में हुई गोवंश मृत्यु ने लापरवाही की पोल खोल कर रख दी।
दरअसल दोहरीघाट विकास खण्ड के पाऊस ग्राम सभा स्थित पशु गौशाला में अव्यवस्थाओं का बोल बाला है। चारे व इलाज के अभाव में प्रतिदिन तीन से चार पशु मर रहे हैं। पशुओं के मरने की खबर से अधिकारी अनजान हैं। पाऊस गौशाला की रजिस्टर में कुल 118 पशु दिखाए गए हैं। लेकिन मौके पर 50 से 60 पशु ही दिखाई दिए। वहीं उनके खाने के लिए न हरा चारा दिखाई दिया और न ही चोकर, खुद्दी नजर आई। पशुओं के लिए रखे गए भूसे में भी गोबर व कूड़ा दिखाई दिया। पशुओं के रहने के लिए बनाए गए टिन शेड धूप से तप रहा था, जिसके नीचे रह रहे पशु हांफ रहे थे। वहीं कुछ पशु खुले आसमान के नीचे धूप में थे।गौशाला में दो पशु मृत पड़े हुए थे। एक पशु को गढ्ढा खोद कर गाड़ दिया गया था जबकि दूसरे पशु को गाड़ने की तैयारी चल रही थी। मौके पर उपस्थित कर्मचारी ने बताया कि एक हफ्ते के अंदर दर्जन भर पशु मर गए लेकिन इसकी जानकारी लेने अभी तक कोई अधिकारी नहीं आया है।
जब इस मामले पर खण्ड विकास अधिकारी विजय कुमार सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे पशुओं के मरने की जानकारी नहीं है, अगर ऐसी बात है तो इसकी जांच करा कर सम्बंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय ने योगी सरकार को ढोंगी सरकार बताया, उन्होंने कहा कि ‘सत्ता में आने के समय आपने गौवंश की रक्षा और गौशालाएं बनवाने की बात की थी, लेकिन वास्तविकता यही है कि इस संदर्भ में आपकी घोषणाओं के बावजूद सरकार के प्रयास पूरी तरह से विफल रहे हैं। गायों की भलाई के नाम पर गौवंश की दुर्दशा की जा रही है।’
अब सवाल ये है कि जब सूबे में सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट का ये हाल है तो बाकी सब राम भरोसे ही होगा?





