दोहरीघाट। तेज बारिश ने नगर पंचायत दोहरीघाट की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। नालियां चोक होने की वजह से गलियों में दूषित पानी घुटनो तक भर गया है। नालियों के जाम होने से बारिश होने पर नगर की अधिकांश सड़के तालाब बन जा रही है। सड़कों से घण्टो बाद पानी किसी तरह निकल तो जा रहा, लेकिन गन्दगी और कीचड़ के कारण लोगो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। साथ ही संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है।
सबसे ज्यादा स्थिति खराब नगर के कमला तिवारी पूरा और नवापुरा वार्ड के रास्तो का है। नालियां जाम होने से घण्टो घुटने तक बारिश का पानी लगा रहता है। वहीं मुक्तिधाम रोड पर जाम नालियों का पानी सड़क पर फैल रहा है तथा बारिश के समय सड़क तालाब बन जा रही है। जिससे शवदाह करने आने वाले लोगो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पैदल आने वाले शवयात्राओं को पानी मे घुस कर जाना पड़ रहा है। पानी निकलने के बाद सड़को पर फैले गन्दगी और कीचड़ में सड़कों से वाहन गुजरने पर गंदे पानी की छीटें लोगों पर पड़ रही या फिर मकानों की दीवारों पर गिरता है। इस समस्या की ओर न तो नगर प्रशासन और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं। स्थानीय सुरेश सोनकर, रामु जायसवाल, दीपू, सूरज, विकास गुप्ता सहित आदि लोगों का कहना है कि नाली गहरी कर साफ -सफाई करवा दी जाए तो समस्या खत्म हो जाएगी। नाली चोक होने के कारण हल्की बारिश में ही गन्दा पानी सड़क पर ही भरा रहता है। इससे आसपास के लोग बदबू से परेशान रहते हैं। नाली का पानी सड़क पर बहने से सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही है। शव दाह करने आने वाले लोग मजबूरन गंदे पानी से होकर गुजरते हैं। स्थानीय लोगो ने नगर पंचायत से जल्द से जल्द नालियों की साफ सफाई करवाने की मांग किया है।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय नगर पंचायत में साफ-सफाई व जल निकासी की मुकम्मल व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। ग्रामीणों ने चेतावनी दिया है कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। स्थानीय क्षेत्र के निवासी नीरज मद्धेशिया ने कहा कि स्थानीय क्षेत्र में साफ-सफाई सिर्फ कागजों में ही सीमट कर रह गया है। दिव्यांग बबलू राय ने कहा कि कस्बा में बजबजा रही नालियां अभी तक साफ नहीं हुई हैं। नालियों के जाम होने से पानी अधिकांश घरों में चला जाता है। बावजूद इसके नगर पंचायत प्रशासन अंजान बना हुआ है। स्थानीय क्षेत्र के निवासी धीरज गुप्ता ने कहा कि कहने के लिए दोहरीघाट नगर पंचायत को आदर्श का दर्जा मिला हुआ है। लेकिन कोई सुविधा नही मिल रही है। वार्डों में फैली गंदगी से संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है।





