मऊ/ हरेंद्र। दोहरीघाट ब्लाक अंतर्गत इन दिनों वन माफिया सक्रिय हैं। क्षेत्र में आए दिन हरे पेड़ों की कटाई जोरो से चल रही है। दोहरीघाट आजमगढ़ रोड पर बाबू राम कैलाशी देवी महिला महाविद्यालय के पास बुधवार को सागौन के हरे पेड़ों की कटाई तेजी से की जा रही थी। मौके पर मौजूद कर्मचारियों से जब पूछा गया कि किसके कहने पर हरे पेड़ काटे जा रहे हैं। तो कर्मचारियों ने बताया कि वन दरोगा अशोक राय के आदेश पर पेड़ों की कटाई की जा रही है। अब सवाल उठता है की एक ओर जहां पूरे प्रदेश को हरा-भरा बनाने के लिए शासन की ओर से कवायद की जा रही है, वहीं क्षेत्र में वन विभाग की अनुमति से अंधाधुंध हरे पेड़ों को काटने का काम किया जा रहा है। पिछले कई दिनों से सड़कों के किनारे लगे सौगौन, आम, शीशम, नीम, जामुन, पीपल, बरगद आदि के हरे पेड़ों को मशीन से काटने का काम जोरों पर किया जा रहा है। इन पेड़ों को काटे जाने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी होने लगी हैं। लोगों की माने तो वन निगम के कर्मचारी मोटे और कीमती लकड़ियों के पेड़ों को तो काट रहे हैं वहीं जर्जर और सूखे पेड़ों को छोड़ दे रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक काटे जाने वाले कुल पेड़ों की लकड़ियों की कीमत लाखो रुपये से अधिक है। लोगों का मानना है कि जड़ों से मजबूत मोटे पेड़ों से कहीं खतरा नहीं हैं, अगर टहनियां सड़कों तक आई हैं तो उसे काटा जाना चाहिए था।





