क्या डायनासोर के साथ रहते थे इंसानों के पूर्वज? जानिए 6.5 करोड़ साल पुराने जीवाश्म की कहानी

“कहा जाता है कि 66 साल पहले क्रीटेशियस पीरियड के अंत में ऐस्टरॉइड के धरती पर टकराने के बाद जब जीवन का विकास फिर से शुरू हुआ था तब ये प्राइमेट रहा करते थे।”

  • वैज्ञानिकों को मिले इंसान के पूर्वजों के सबसे पुराने जीवाश्म
  • प्राइमेट्स के सबसे पुराने जीवाश्म हैं 6.8 करोड़ साल पुराने
  • प्राइमेट्स में इंसान, बंदर, एप्स जैसे स्तनपायी जीव आते हैं
  • इनके पूर्वजों का विकास डायनोसॉर के दौरान हुआ होगा

वॉशिंगटन
वैज्ञानिकों को इंसान के ऐसे पूर्व के जीवाश्म मिले हैं जो शायद डायनोसॉर्स के साथ रहते होंगे। ये जीवाश्म छोटे-छोटे दांतों के हैं जो चूहे के आकार प्राइमेट के रहे होंगे। प्राइमेट स्तनपायी जीवों का वह समूह है जिसमें इंसान, बंदर, एप्स आदि आते हैं। ये दांत 0.08 इंच लंबे हैं और माना जा रहा है कि ये सबसे प्राचीन plesiadapiforms प्राइमेट के हैं। ये 1980 में उत्तरपूर्वी मोन्टाना में पाए गए थे लेकिन अब एक नई स्टडी में इनकी औपचारिक पहचान जाहिर की गई है। रॉयल सोसायटी ओपन साइंस जर्नल में इस पर स्टडी छपी है।

डायनोसॉर के साथ रहते थे?
माना जाता है कि 66 साल पहले क्रीटेशियस पीरियड के अंत में ऐस्टरॉइड के धरती पर टकराने के बाद जब जीवन का विकास फिर से शुरू हुआ था तब ये प्राइमेट रहा करते थे। एक थिअरी कहती है कि ऐस्टरॉइड के टकराने से डायनोसॉर खत्म हो गए थे। रिसर्चर्स ने जीवाश्म के इस घटना के 1.05 से 1.39 लाख साल बाद का होने की संभावना जताई है लेकिन उनका कहना है कि इनका विकास ऐसे पूर्व से हुआ होगा जो डायनोसॉर के साथ रहते हों।

स्टडी के को-लीड रिसर्चर ग्रेगरी विल्सन मंटीला ने इस संभावना पर उत्साह जताया है कि जिस घटना में डायनोसॉर खत्म हो गए, उसमें ये पूर्वज बच निकले और फिर बाद में उनसे ये प्राइमेट विकसित हुए जिनके जीवाश्म पाए गए हैं। Plesiadapiforms इंसानों समेत सभी आधुनिक प्राइमेट्स के पूर्वज हैं। रिसर्च टीम ने इन दांतों को सीटी स्कैन से एक्स-रे की मदद से तैयार 3डी इमेज को स्टडी किया।

कैसे रहे होंगे ये जीव?
दो दांत Purgatorius janisae और तीन नई प्रजाति Purgatorius mckeeveri के पाए गए हैं। मंटीला ने लाइव साइंस को बताया है कि P. mckeeveri दांतों स फलों को तोड़ते होंगे और P. janisae कीड़ों को खाते होंगे। दोनों एक जैसे दिखते होंगे और आपस में संबंधित होंगे। मंटीला का कहना है कि दोनों शायद गिलहरी की तरह दिखते होंगे। वे अपना ज्यादा काम गंध से चलाते होंगे और इसलिए उनकी आंखें किनारे की ओर होंगी।

इन जीवाश्मों की मदद से यह समझा जाएगा कि जीवन उस दौरान कैसे बरकरार रहा और बाद में विकसित कैसे हुआ। ऐस्टरॉइड की घटना के बाद सबसे पहले विकसित होने वाला सबसे बड़ा समूह प्राइमेट्स का था। वे पेड़ों में रहते थे।

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