भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए राजस्थान से मिला सबसे अधिक चंदा, हर वर्ग की हिस्सेदारी- चंपत राय

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि पर बनने वाले भव्य मंदिर के लिए देशभर में राजस्थान से सबसे अधिक 515 करोड़ निधि का समर्पण हुआ है। मंदिर के चबूतरे के लिए मिर्जापुर जिले और परकोटा के लिए जोधपुर का पत्थर लगाने पर विचार चल रहा है। मंदिर में भरतपुर जिले के बंशी पहाड़पुर का पत्थर लगेगा। यह जानकारी विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय उपाध्यक्ष व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महामंत्री चंपत राय ने दी। वे रविवार को जयपुर में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए चलाया गया निधि समर्पण अभियान धरती का सबसे बड़ा जनसंपर्क अभियान बना है। अभियान ने भारत की एकात्मता का दर्शन कराया है।

राय ने कहा, “राजस्थान के 36 हजार गांवों और शहरों से मंदिर के लिए 515 करोड़ रुपये से अधिक निधि का समर्पण हुआ है। देश में मकर संक्रान्ति माघी पूर्णिमा तक 42 दिन चले अभियान में 1 लाख 75 हजार टोलियों के माध्यम से करीब 9 लाख कार्यकर्ताओं ने घर-घर संपर्क किया। 38 हजार 125 कार्यकर्ताओं के माध्यम से समर्पण निधि बैकों में जमा हुई। हम 4 लाख गांवों में समर्पण के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल हुए हैं। नगरीय क्षेत्रों के सभी वार्डों में संपर्क हुआ है। हालांकि अभी परिवारों के आंकड़े आने अभी शेष हैं लेकिन अनुमान हैं कि 10 करोड़ परिवारों से हमारा संपर्क हुआ है व समाज के हर क्षेत्र से समर्पण प्राप्त हुआ है।”

‘भिक्षुकों ने भी किया समर्पण’
इस दौरान अनेक ऐसे प्रसंग आए जिन्होंने अभियान में लगे कार्यकर्ताओं के मन-मस्तिष्क को भी द्रवित कर दिया। अनेक स्थानों पर जहां भिक्षुकों ने समर्पण किया। वहीं, दैनिक मजदूर व खेतिहर किसानों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मुस्लिम समाज का समर्पण भी उल्लेखनीय है। अभियान के दौरान कई अनुभव कार्यकर्ताओं को द्रवित करने वाले रहे। इस्लाम के अनुयायियों में से हजारों परिवारों का सहयोग अभियान में मिला। राजस्थान में तो सड़क पर कचरा बीनने वाली महिलाओं ने भी दिनभर की आमदनी का एक हिस्सा रामजी के लिए समर्पण में दिया। भिक्षुकों ने भी अपनी झोली में से समर्पण दिया।

उन्होंने कहा कि 4 मार्च तक के आंकड़ों के अनुसार मंदिर निर्माण के लिए अब तक 2500 करोड़ रुपये की राशि एकत्र हो चुकी है। अभी अंतिम आंकड़ा आना शेष है। निधि समर्पण अभियान पूर्ण हो जाने के बाद भी देश के प्रत्येक कोने से रामभक्त अपना समर्पण दे रहे है। अभी भी केन्द्रों तक पहुंचकर रामभक्त निधि का समर्पण कर रहे हैं। जो समाज के बंधु, रामभक्त संपर्क से छूट गए हैं, वे न्यास ट्रस्ट के नियमित खातों में समर्पण निधि जमा करा सकते हैं। वेबसाइट पर इन खातों की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध है।

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