युवा व्यापारी अमरनाथ गुप्त का असामयिक निधन , व्यापारियों में चौतरफा हाहाकार

फतेह बहादुर गुप्त/ रतनपुरा (मऊ)। 50 वर्ष 15 दिन पूरे कर चुके रतनपुरा कस्बा के युवा व्यापारी अमरनाथ गुप्त पुत्र श्री फल्लू प्रसाद गुप्त का असामयिक निधन रतनपुरा कस्बा के व्यापारियों को पूरी तरह से खल गया। कस्बा के व्यापारी अमरनाथ गुप्त के असामयिक निधन से मर्माहत हैं। उनके निधन का समाचार सुनकर के उनके पैतृक गांव गाढ़ा सहित अनेक गांवों के व्यापारी , संभ्रांत नागरिक, राजनीतिक व्यक्ति एवं समाजसेवी उनके दरवाजे पर पहुंच करके अपनी गहरी शोक संवेदना व्यक्त किए। परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार बलिया स्थित गंगा घाट पर कर दिया। परिजनों ने उनके पार्थिव शरीर को उनके व्यवसायिक प्रतिष्ठान रतनपुरा से एक वाहन पर सजा करके उनके पैतृक गांव गाढ़ा ले गए। जहां उनके जन्मस्थली पर नागरिकों ने उनका अंतिम दर्शन किया। युवा व्यापारी के निधन से उनका पूरा परिवार किंकर्त्तव्यविमूढ़ हो गया है ।परिवार में तीसरी पीढ़ी के सबसे होनहार पुत्र और कुशाल व्यापारी थे।

दिवंगत व्यापारी अमरनाथ गुप्त पुत्र श्री फल्लू प्रसाद गुप्त रतनपुरा प्रखंड के गाढ़ा ग्राम पंचायत के मूल रूप से निवासी थे। उनका परिवार पैतृक गांव गाढ़ा से 6 दशक पूर्व रतनपुरा आकर के अपना कारोबार करने लगे। अमरनाथ गुप्त अपने चार भाइयों में सबसे बड़े थे, और अपने पिता के सानिध्य में उन्होंने अपने कारोबार को धार दिया ।इन्हीं के व्यवसायिक परिसर में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा भी खोली गई है। युवा व्यापारी अमरनाथ गुप्त ने अपने व्यापार में बिल्डिंग मटेरियल और लोहा के कारोबार को बढ़ावा देते हुए इस शीर्ष पर पहुंचाया ,और पूरे प्रखंड में अपने कारोबार को व्यवस्थित और प्रतिष्ठित किया। स्वभाव से अत्यंत मिलनसार और सभी के सुख दुख में भागीदार होने के नाते वे पूरे प्रखंड में लोगों के चहेते बन गए थे। परंतु उनके असामयिक निधन से उनके कारोबार से जुड़े व्यापारी और कर्मचारी काफी दुखी और शोकाकुल हैं।
दिवंगत अमरनाथ गुप्त की चार पुत्रियां में से एक पुत्री की मौत हो चुकी है। मौजूदा समय में 3 पुत्रियां और एकमात्र लड़का है। लड़के की उम्र महज 12 साल है ।इकलौते पुत्र पंचम गुप्ता ने अपने पिता अमरनाथ गुप्त को मुखाग्नि दी है। दुख की बात यह है कि तीनों पुत्रियों में से अभी तक किसी का विवाह नहीं हुआ है। अमरनाथ गुप्त अपने चार भाइयों में सबसे बड़े थे। शेष भाइयों में क्रमशः दीनानाथ गुप्त, सिद्धनाथ गुप्त, और प्रभुनाथ गुप्त हैं। जिसमें से दीनानाथ और सिद्धनाथ उनके व्यवसाई कारोबार में सहभागीदार हैं ।जबकि प्रभुनाथ नौकरी करते हुए सिविल सेवा की तैयारी कर रहे हैं।
बताया जाता है कि दिवंगत अमरनाथ गुप्त कि 4 दिन पूर्व तबीयत खराब हो गई उनका शुगर लेवल काफी बढ़ गया था। जिसकी वजह से उन्हें प्रकाश अस्पताल मऊ में भर्ती कराया गया।जहां उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था। परंतु फेफड़े में अत्यधिक संक्रमण की वजह से सोमवार की सायं 7:30 बजे के लगभग निधन हो गया।
दिवंगत अमरनाथ गुप्त के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता एवं जिला पंचायत की नव नव निर्वाचित सदस्य श्रीमती किरण सिंह चौहान के प्रतिनिधि रमेश सिंह चौहान ,भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री रामाश्रय मौर्य ,व्यापार मंडल के प्रखंड अध्यक्ष राम नारायण साहू ,नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान जय किशोर साहू उर्फ टुनटुन उनके बड़े भाई नंद किशोर साहू उर्फ गुड्डू, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राकेश सिंह ,नवनिर्वाचित बीडीसी सदस्य अरविंद कुमार, हिंदू युवा वाहिनी के युवा कैडर नीरज कुमार साहू , राष्ट्रीय जन जागरण परिषद के चेयरमैन अरुण कुमार भारतवंशी ,युवा व्यापारी अंजनी कुमार साहू ,भाजपा नेता विनोद कुमार गुप्त, समाजसेवी प्रमोद खरवार ,मनोज कुमार मद्धेशिया, रामचंद्र मौर्य, विजय बहादुर सिंह वाणी सम्राट, जयप्रकाश पटेल, बंधु लाल साहू, शिवजी गुप्त इत्यादि प्रमुख थे।

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