- संक्रमितों के घर शुद्ध सात्विक भोजन पहुँचाना अविभा का कर्तव्य- आचार्य लोकेश
नई दिल्ली। बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण लोग नित नई परेशानियों से जूझ रहे हैं, किन्तु इस बीच सुकून की बात है कि कोरोना पॉजिटिव मरीज़ जो घर पर क्वारंटीन हैं और परिवार में भोजन बनाना वाला नहीं है या बनाने में कठिनाई है ऐसे लोगों के लिए अहिंसा विश्व भारती संस्था घर का बना शुद्ध सात्विक व पौष्टिक भोजन घर घर पहुँचा रही है।
अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य डॉ लोकेशजी कहते है कि यह कोई दान पुण्य या धर्म नहीं, बल्कि ऐसा करना हमारा कर्तव्य है, दायित्व है। सामाजिक सरोकारों के तहत अगर ऐसी विपदा के समय भी हम कुछ नहीं करते हैं तो हम अपने सामाजिक कर्त्तव्य दायित्व से च्युत होते हैं इसके लिए हर किसी को आगे आना चाहिए जिससे जो बन पड़े दवाई हो या भोजन इसके लिए केवल सरकार ही नहीं सामाजिक संस्थाओं को आगे आना ही चाहिए।उन्होंने अहिंसा विश्व भारती संस्था, तथा इस योजना के संयोजक अशोक कोठारी की सराहना करते हुए कहा कि यही मानवता की सच्ची सेवा है।
आचार्य लोकेशजी ने कहा कि ऐसे संस्मरण कि घर में बूढ़ी माँ अकेली है, या घर में अकेले डॉक्टर जिनके नौकर ने पॉज़िटिव का पता लगने पर काम पर आना छोड़ दिया या इस एरिया में एजुकेशन इंस्टीट्यूट में बाहर से पढ़ने आये बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं तो मन को सुकून मिलता है।
श्री अशोक कोठारी ने बताया कि अहिंसा विश्व भारती संस्था के सहयोग से रत्नत्रय फ़ाउंडेशन की फ़ूड वेन द्वारा हम ओल्ड राजेन्द्र नगर, शंकर रोड, न्यू राजेंद्र नगर आदि आसपास के एरिया में लंच 1 बजे व डिनर 7 बजे से पहले मरीज़ के घर तक पहुँचा देते है।





